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पहला विपश्यना शिविर: 10 दिन के कोर्स की पूरी जानकारी
एस.एन. गोयनका की परंपरा में 10 दिन का विपश्यना शिविर कैसा होता है, सुबह 4 बजे की घंटी से मौन खुलने के दिन तक। साथ ही, भारत में आवेदन कैसे करें और केंद्र कैसे चुनें।
लेखक: RetreatAdvisors के संपादक · अपडेट: अक्टूबर 2026
झटपट जवाब
- विपश्यना कोर्स कितने दिन का होता है?
- पूरे दस दिन का ध्यान, पर केंद्र में आप लगभग 12 दिन रहते हैं। आप पहले दिन से एक दिन पहले, दोपहर में पहुंचते हैं और दसवें दिन के अगले दिन सुबह जल्दी निकलते हैं। आवेदन करते समय ही आप पूरा कोर्स करने का वचन देते हैं।
- क्या यह सच में मुफ़्त है?
- हां। सिखाने, खाने या रहने का कोई पैसा नहीं लगता। कोर्स उन लोगों के दान से चलते हैं जो पहले 10 दिन का कोर्स पूरा कर चुके हैं। चाहें तो आप आखिर में दान दे सकते हैं; कोई मांगता नहीं।
- क्या कोर्स के दौरान बात कर सकते हैं?
- दूसरे साधकों से नहीं। आर्य मौन (न बोलना, न इशारे, न लिखकर बात) पहली शाम से दसवें दिन की सुबह तक चलता है। साधना के बारे में आप आचार्य से, और ज़रूरत की चीज़ों के लिए केंद्र के मैनेजमेंट से बात कर सकते हैं।
- क्या फ़ोन अपने पास रख सकते हैं?
- नहीं। फ़ोन, स्मार्टवॉच, किताबें, नोटबुक और पेन पहुंचते ही जमा करा लिए जाते हैं और कोर्स खत्म होने पर लौटा दिए जाते हैं।
- आवेदन कैसे करें?
- हमारे कैलेंडर पर 10 दिन के कोर्स की आने वाली तारीखें देखें, फिर dhamma.org पर केंद्र और तारीखें चुनें, उस केंद्र का फ़ॉर्म ईमानदारी से भरें (अपनी सेहत की पूरी जानकारी के साथ), और पुष्टि का इंतज़ार करें। लोकप्रिय केंद्र और सर्दियों की तारीखें हफ़्तों पहले भर जाती हैं।
इस पेज पर
विपश्यना कोर्स क्या है
भारत में जब लोग “विपश्यना करने” की बात करते हैं, तो लगभग हमेशा उनका मतलब एस.एन. गोयनका की परंपरा का 10 दिन का कोर्स होता है, जिसमें आप केंद्र में ही रहते हैं। ये कोर्स ऐसे केंद्रों में होते हैं जिनके पाली नाम “धम्म” से शुरू होते हैं (इगतपुरी का धम्म गिरि सबसे मशहूर है), और हर जगह एक ही दिनचर्या और एक ही नियम चलते हैं। निर्देश गोयनका जी के रिकॉर्ड किए हुए प्रवचनों से मिलते हैं, और साधना से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए एक सहायक आचार्य वहां मौजूद रहते हैं।
यह कोर्स एक ट्रेनिंग है, छुट्टी नहीं। पहले तीन दिन आप आनापान का अभ्यास करते हैं, यानी अपना ध्यान सांस पर टिकाए रखना। चौथे दिन से आप असली विपश्यना सीखते हैं: शरीर में होने वाली संवेदनाओं को बिना प्रतिक्रिया किए देखना। न कोई जाप सीखना है, न किसी मान्यता को अपनाना है, न कुछ खरीदना है। हमारी सूची में 22 राज्यों के 77 विपश्यना केंद्र हैं, और ये सभी अपने कोर्स मुफ़्त या दान पर आधारित बताते हैं।
रोज़ की दिनचर्या
पहले से नौवें दिन तक हर दिन एक ही समय-सारणी चलती है, जो कोर्स की अनुशासन संहिता (Code of Discipline) में छपी है। लगभग दस घंटे ध्यान में बीतते हैं, हॉल में या अपने कमरे में।
| समय | क्या होता है |
|---|---|
| सुबह 4:00 | जागने की घंटी |
| सुबह 4:30–6:30 | हॉल में या अपने कमरे में ध्यान |
| सुबह 6:30–8:00 | नाश्ता और आराम |
| सुबह 8:00–9:00 | हॉल में सामूहिक साधना |
| सुबह 9:00–11:00 | आचार्य के कहे अनुसार हॉल में या अपने कमरे में ध्यान |
| सुबह 11:00–दोपहर 1:00 | दोपहर का भोजन, आराम और आचार्य से मिलने का समय |
| दोपहर 1:00–2:30 | हॉल में या अपने कमरे में ध्यान |
| दोपहर 2:30–3:30 | हॉल में सामूहिक साधना |
| दोपहर 3:30–शाम 5:00 | आचार्य के कहे अनुसार हॉल में या अपने कमरे में ध्यान |
| शाम 5:00–6:00 | चाय का ब्रेक |
| शाम 6:00–7:00 | हॉल में सामूहिक साधना |
| शाम 7:00–8:15 | शाम का प्रवचन (रिकॉर्डिंग) |
| रात 8:15–9:00 | हॉल में सामूहिक साधना |
| रात 9:00–9:30 | हॉल में आचार्य से सवाल |
| रात 9:30 | अपने कमरे में वापस; बत्तियां बंद |
दस दिन कैसे बीतते हैं
- दिन 0, आगमन
- दोपहर में रजिस्ट्रेशन कराएं, फ़ोन और कीमती सामान जमा करें, हल्का खाना खाएं और पहला प्रवचन सुनें। आर्य मौन उसी शाम से शुरू हो जाता है।
- दिन 1–3
- आनापान: नाक के आसपास आती-जाती सांस पर ध्यान। इन्हीं दिनों ज़्यादातर लोगों का सामना अपने बेचैन मन, दुखते घुटनों और उठकर चले जाने की इच्छा से होता है।
- दिन 4
- दोपहर में विपश्यना सिखाई जाती है। अब ध्यान को शरीर के एक-एक हिस्से पर, बारी-बारी से ले जाया जाता है।
- दिन 5–9
- वही अभ्यास, पर और गहराई से। दिन की तीनों सामूहिक साधनाएं अब “अधिष्ठान” (पक्के संकल्प) की बैठकें बन जाती हैं, जिनमें आप पूरे एक घंटे न हिलने की कोशिश करते हैं।
- दिन 10
- सुबह मेत्ता (सबके लिए प्रेम और सद्भाव) का अभ्यास सिखाया जाता है, और उसके बाद मौन खुल जाता है। नौ दिन चुप रहने के बाद फिर से बातें करना उम्मीद से कहीं ज़्यादा थका देता है।
- दिन 11, प्रस्थान
- भोर से पहले एक आखिरी प्रवचन और साधना होती है, फिर सफ़ाई में हाथ बंटाकर लगभग सुबह 7:30 बजे तक आप निकल जाते हैं।
बहुत से साधकों के लिए शुरुआत में एक मुश्किल दौर आता है, और फिर बीच में एक और। अगर आपको मुश्किल हो रही है, तो दोपहर में आचार्य से मिलने का समय इसी के लिए रखा गया है।
नियम, और वे क्यों हैं
अनुशासन संहिता जान-बूझकर सख्त है: हर नियम ध्यान भटकाने वाली कोई एक चीज़ हटा देता है। आवेदन करते समय आप ये सभी नियम मानने की हामी भरते हैं।
- पंचशील: कोर्स के पूरे समय न जीव-हत्या, न चोरी, न यौन गतिविधि, न झूठ, न कोई नशा (तंबाकू भी नहीं)।
- आर्य मौन: साथी साधकों के साथ शरीर, वाणी और मन का मौन। इशारे, संकेत या लिखकर बात करना भी नहीं।
- बाहर से कोई संपर्क नहीं: न फ़ोन कॉल, न मैसेज, न कोई मिलने आ सकता है। इमरजेंसी में परिवार केंद्र के मैनेजमेंट के ज़रिए आप तक पहुंच सकता है।
- न पढ़ना, न लिखना: न किताबें, न डायरी, न नोट्स। संगीत, ऑडियो और खबरें भी बंद।
- पुरुष और महिलाएं अलग-अलग: रहने, टहलने और बैठने की जगहें अलग होती हैं। कपल और परिवार के लोग भी कोर्स के दौरान एक-दूसरे से संपर्क नहीं करते।
- दूसरे अभ्यास दस दिन के लिए बंद: इस दौरान कोई योग, कसरत, पूजा-पाठ, मंत्र या कोई दूसरी ध्यान विधि नहीं। तय जगहों में टहल सकते हैं।
- सादे, शालीन कपड़े: ढीले और आरामदायक। तंग, पारदर्शी या शरीर दिखाने वाले कपड़े नहीं।
- सादा शाकाहारी भोजन: न उपवास, न बाहर का खाना। अगर किसी मेडिकल वजह से आपको खास खाना चाहिए, तो यह आवेदन में लिखें।
दान की व्यवस्था कैसे चलती है
विपश्यना कोर्स का कोई पैसा नहीं लिया जाता, खाने और रहने का भी नहीं। हर कोर्स का खर्च वे लोग उठाते हैं जो पहले कोर्स कर चुके हैं और चाहते हैं कि दूसरों को भी यही मौका मिले। इसीलिए केंद्र दान सिर्फ़ उन्हीं से लेते हैं जिन्होंने कम से कम एक 10 दिन का कोर्स पूरा किया हो: नया साधक अगर देना चाहे तो आखिरी दिन देता है, और वह पैसा उसके अपने कोर्स के बजाय किसी आगे के कोर्स के काम आता है।
खाना बनाने और सफ़ाई का काम धम्म सेवक करते हैं, जो सभी पुराने साधक होते हैं और अपनी मर्ज़ी से सेवा देते हैं। आपसे कोई पैसे नहीं मांगेगा, और वहां खरीदने को कुछ नहीं है।
क्या अभी कोर्स करना आपके लिए सही है?
ज़्यादातर सेहतमंद वयस्क यह कोर्स पूरा कर लेते हैं, पर यह आसान नहीं है: घंटों बैठना, रोज़ सुबह जल्दी उठना और किसी से बात न कर पाना।
- शारीरिक दिक्कतों का आमतौर पर हल निकल आता है। अगर आप ज़मीन पर नहीं बैठ पाते, तो आवेदन करते समय कुर्सी या पीठ के सहारे के बारे में पूछ लें।
- गर्भवती महिलाएं तब आ सकती हैं जब उनकी गर्भावस्था स्थिर हो। उनके लिए खाने का अतिरिक्त इंतज़ाम होता है।
- अगर आप पूरे बारह दिन नहीं दे सकते, तो ऐसे समय का इंतज़ार करें जब दे सकें। बीच में कोर्स छोड़कर न जाने की सख्त सलाह दी जाती है।
विपश्यना कोर्स में आवेदन कैसे करें: कदम-दर-कदम
- dhamma.org पर अनुशासन संहिता और विधि का परिचय पढ़ें। आवेदन में पूछा जाता है कि आपने इन्हें पढ़ा है या नहीं।
- हमारे कैलेंडर पर विपश्यना के आने वाले कोर्स देखें, या dhamma.org पर केंद्र या तारीख के हिसाब से कोर्स की सूची खोजें, और ऐसा 10 दिन का कोर्स चुनें जो नए साधकों के लिए हो।
- उस केंद्र का ऑनलाइन फ़ॉर्म भरें। सेहत, दवाओं और पहले के ध्यान-अभ्यास से जुड़े सवाल आपकी सुरक्षा के लिए हैं, इसलिए उनके पूरे जवाब दें।
- ईमेल का इंतज़ार करें। आपकी जगह पक्की होगी, आप वेटिंग लिस्ट में होंगे, या आपसे और जानकारी मांगी जाएगी। कई केंद्र कोर्स शुरू होने से एक-दो हफ़्ते पहले दोबारा पुष्टि करने को कहते हैं।
- सफ़र ऐसे बुक करें कि आप दिन 0 को दोपहर के रजिस्ट्रेशन तक पहुंच जाएं, और आखिरी दिन सुबह लगभग 7:30 बजे के बाद निकलें।
भारत में केंद्र कैसे चुनें
हर केंद्र में एक ही कोर्स सिखाया जाता है, इसलिए अपनी सुविधा देखकर चुनें। हमारी सूची के 77 केंद्रों में से सबसे ज़्यादा महाराष्ट्र (13), गुजरात (7) और बिहार (6) में हैं। ज़्यादातर केंद्र अक्टूबर–फ़रवरी में सबसे आरामदायक रहते हैं: मैदानी इलाकों में गर्मी बहुत तेज़ पड़ती है और कई हॉल में एसी नहीं होता।
- पहले मौसम देखें। पहले कोर्स के लिए ठंडे, सूखे महीने चुनें। हिमालय के केंद्र वसंत और पतझड़ में अच्छे रहते हैं; बाकी ज़्यादातर सर्दियों में सबसे अच्छे रहते हैं।
- दूरी। घर से कुछ घंटे की दूरी वाला केंद्र हो, तो पहुंचने का दिन और लौटने का सफ़र आसान रहता है। देखें: पुणे के पास ध्यान रिट्रीट, दिल्ली के पास या बेंगलुरु के पास।
- कमरे। कुछ केंद्रों में अटैच्ड बाथरूम वाले सिंगल कमरे होते हैं; कुछ में साझा कमरे या डॉरमेट्री। केंद्र के अपने पेज पर यह लिखा होता है।
- भाषा। रिकॉर्ड किए गए निर्देश कई भाषाओं में मिलते हैं। देख लें कि जो कोर्स आप चुन रहे हैं, उसमें आपकी भाषा है या नहीं।
हर केंद्र को उसके सबसे अच्छे महीनों और नज़दीकी एयरपोर्ट के साथ भारत में विपश्यना और ध्यान रिट्रीट में देखें, या राज्य के हिसाब से, जैसे महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश।
साथ क्या ले जाएं
- 10 दिन के लिए ढीले, शालीन कपड़े (कपड़े धोने की सुविधा कम होती है), और सुबह की ठंड के लिए गर्म शॉल या कुछ परतें।
- एक छोटी टॉर्च, फ़ोन के अलावा कोई अलार्म घड़ी, और हॉल में आने-जाने के लिए आसानी से पहनने-उतारने वाली चप्पल।
- आपकी चल रही दवाएं उनके असली पत्ते या डिब्बे में, और पानी की एक बोतल जिसे बार-बार भर सकें।
- कमरा साझा करना हो तो ईयरप्लग। कीमती सामान और किताबें घर पर ही छोड़ें।
हमारी पैकिंग गाइड (अंग्रेज़ी में) हर तरह के रिट्रीट और मौसम के हिसाब से और विस्तार से बताती है।
आम सवाल
क्या विपश्यना कोर्स बीच में छोड़ सकते हैं?
आवेदन करते समय आप पूरा कोर्स करने का वचन देते हैं, और बीच में न जाने की सख्त सलाह दी जाती है, क्योंकि विधि दस दिनों में कदम-दर-कदम सिखाई जाती है। अगर कोई गंभीर बात हो जाए, तो आचार्य या मैनेजमेंट से बात करें; वे फ़ैसला लेने में आपकी मदद करेंगे।
क्या ध्यान का पहले से कोई अनुभव चाहिए?
नहीं। 10 दिन का कोर्स ही शुरुआती कोर्स है, और इसमें आने वाले ज़्यादातर लोग नए होते हैं। सब कुछ शुरू से सिखाया जाता है।
क्या कपल या दोस्त साथ जा सकते हैं?
हां, पर आप एक-दूसरे को ज़्यादा देख नहीं पाएंगे। पुरुषों और महिलाओं के रहने और बैठने की जगह अलग होती है, और कपल, दोस्त और परिवार वाले दसवें दिन मौन खुलने तक एक-दूसरे से संपर्क नहीं करते।
क्या कोर्स के दौरान योग या दौड़ लगा सकते हैं?
कोर्स के दौरान नहीं। दस दिनों के लिए योग, कसरत और दूसरे अभ्यास बंद रहते हैं। ब्रेक में आप तय जगहों में टहल सकते हैं।
क्या इससे छोटे कोर्स भी होते हैं?
शुरुआत 10 दिन के कोर्स से ही होती है। एक से तीन दिन के छोटे कोर्स सिर्फ़ पुराने साधकों के लिए होते हैं, यानी उनके लिए जो 10 दिन का कोर्स पूरा कर चुके हैं।
कोर्स के बाद क्या होता है?
साधकों से कहा जाता है कि वे घर पर अभ्यास जारी रखें, हो सके तो रोज़ सुबह और शाम एक-एक घंटा। कई शहरों में सामूहिक साधना होती है, और आप आगे किसी कोर्स में धम्म सेवक बनकर सेवा भी दे सकते हैं।
जो जा चुके हैं, उनसे पूछें
कम्युनिटी के असली जवाब, रिट्रीट का विज्ञापन नहीं।
कम्युनिटी में सवाल-जवाबआगे देखें
स्रोत
- Code of Discipline (नए टैब में खुलता है) · Dhamma.org
- Questions and answers about Vipassana courses (नए टैब में खुलता है) · Dhamma.org
- Vipassana Meditation as taught by S.N. Goenka (नए टैब में खुलता है) · Dhamma.org
- Course schedules and applications (नए टैब में खुलता है) · Dhamma.org
यह गाइड हमने ऊपर दिए स्रोतों और हर रिट्रीट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी रिसर्च से, अपने शब्दों में लिखी है। यहां कुछ भी डॉक्टरी सलाह नहीं है: अपनी सेहत के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। रिट्रीट अपने नियम, तारीखें और कीमतें बदलते रहते हैं, इसलिए बुकिंग से पहले उनसे पक्का कर लें। कुछ पुराना दिखा? हमें बताएं।
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